HRA छूट कैलकुलेटर
जानें आपके हाउस रेंट अलाउंस का कितना हिस्सा टैक्स-फ़्री है, और कितने पर अब भी टैक्स लगता है।
HRA छूट सिर्फ़ पुराने टैक्स रिजीम में मिलती है। अगर आपने नया रिजीम चुना है, तो यह हिसाब जो भी दिखाए, आपका पूरा HRA टैक्सेबल रहेगा।
आपके आंकड़े
तीन सीमाएँ, और कौन सी लागू होती है
सालाना टैक्स-फ़्री आंकड़ा लेकर टैक्स रिजीम कैलकुलेटर के HRA फ़ील्ड में डालें, और देखें कि पुराना रिजीम अब भी आपके लिए बेहतर बैठता है या नहीं। टैक्स रिजीम
FY 2025–26 के लिए सेक्शन 10(13A) के तहत अनुमान। कंपनियाँ किराये की रसीद मांगती हैं, और सालाना ₹1 लाख से ज़्यादा किराये पर मकान मालिक का PAN भी चाहिए।
स्रोत: आयकर विभाग, incometax.gov.in
यह आपके डाले गए आंकड़ों पर आधारित सामान्य शैक्षिक जानकारी है, व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं। निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से बात करें।
आम सवाल
HRA छूट कैसे निकाली जाती है?
आपकी छूट तीन आंकड़ों में सबसे कम होती है: कंपनी से वास्तव में मिला HRA, चुकाया गया किराया घटा सैलरी का 10%, और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में किराये पर रहने पर सैलरी का 50%, बाकी हर जगह 40%। इन तीनों में जो सबसे कम है, वही छूट बनती है, इसलिए सैलरी स्लिप में ऊँचा HRA होने का मतलब अपने आप ऊँची छूट नहीं है।
HRA के लिए कौन से शहर मेट्रो गिने जाते हैं?
सिर्फ़ चार: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई। HRA में यही सबसे आम गलती है। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और गुरुग्राम, सब इस मामले में नॉन-मेट्रो हैं और 40% की दर पाते हैं, चाहे वहाँ रहना कितना भी महँगा हो या दूसरे भत्तों में उनकी श्रेणी कुछ और हो।
HRA के हिसाब में सैलरी का मतलब क्या है?
बेसिक सैलरी जमा महँगाई भत्ता, और कमीशन अगर वह टर्नओवर का तय प्रतिशत है। यह CTC नहीं है, ग्रॉस सैलरी नहीं है और हाथ में आने वाली रकम भी नहीं। प्राइवेट नौकरी में ज़्यादातर लोगों का DA शून्य होता है, तो उनके लिए यह सिर्फ़ बेसिक है। बेसिक की जगह ग्रॉस सैलरी लेना दूसरी आम गलती है, जिससे छूट काफ़ी बढ़ी हुई दिखती है।
क्या नए टैक्स रिजीम में HRA छूट मिलती है?
नहीं। सेक्शन 10(13A) की HRA छूट सिर्फ़ पुराने रिजीम में मिलती है। अगर आपने नया रिजीम चुना है तो आपका पूरा HRA टैक्सेबल है, इसलिए यह कैलकुलेटर तभी काम का है जब आप पुराने रिजीम पर विचार कर रहे हों। यहाँ छूट निकालें, फिर सालाना रकम टैक्स रिजीम कैलकुलेटर में डालकर देखें कि असल में कौन सा रिजीम फ़ायदेमंद है।
किराया देने के बावजूद छूट शून्य क्यों आ रही है?
आम तौर पर इसलिए कि आपका किराया बेसिक सैलरी के 10% से कम है, जिससे दूसरी सीमा शून्य हो जाती है और छूट वहीं रुक जाती है। दूसरी वजह यह हो सकती है कि आपकी सैलरी स्लिप में HRA ही नहीं है, और छूट कभी मिले हुए HRA से ज़्यादा नहीं हो सकती। कैलकुलेटर बता देता है कि दोनों में से कौन सी बात लागू है।
HRA क्लेम करने के लिए क्या सबूत चाहिए?
कंपनियाँ आम तौर पर किराये की रसीद मांगती हैं, और रकम बड़ी हो तो रेंट एग्रीमेंट भी। सालाना किराया ₹1 लाख पार करते ही मकान मालिक का PAN भी देना पड़ता है। माता-पिता को दिए किराये पर HRA क्लेम किया जा सकता है, बशर्ते इंतज़ाम असली हो और वे उस आय को दिखाएँ, पर पति या पत्नी को किराया देने पर आम तौर पर सवाल उठते हैं।
दूसरे मुफ़्त कैलकुलेटर
इन-हैंड सैलरी
अपने CTC से हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी देखें।
टैक्स रिजीम
जानें इस साल कौन सा टैक्स रिजीम ज़्यादा बचत कराता है।
EMI और कार्ड
अपनी EMI, लोन जल्दी चुकाने की बचत, और सिर्फ़ मिनिमम ड्यू भरने का असली नुकसान देखें।
लक्ष्य और SIP
शादी, बाइक, ट्रिप या घर के लिए हर महीने कितना बचाना है, यह प्लान करें।